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पंचतत्व में विलीन हुए नंद लाल, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

➤ रामपुर के विधायक नंद लाल को देवठी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

➤ सीएम सुक्खू, डिप्टी सीएम अग्निहोत्री और कई मंत्री पहुंचे श्रद्धांजलि देने

➤ चार बार के विधायक रहे नंद लाल, सादगी और जनसंपर्क के लिए थी पहचान


रामपुर बुशहर। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश के सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अपने पैतृक गांव देवठी में पंचतत्व में विलीन हो गए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए देवठी में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।

श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी देवठी पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने भी देवठी पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नेताओं ने नंद लाल के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना प्रदेश की राजनीति और विशेषकर रामपुर क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। नंद लाल ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में रामपुर क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। चार बार विधायक रहे नंद लाल ने अपनी सादगी, जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यशैली से क्षेत्र के लोगों के बीच अलग पहचान बनाई थी।

उनके निधन के बाद रामपुर में चल रहे ऐतिहासिक लवी मेले के कार्यक्रम भी दो दिन के लिए स्थगित किए गए थे। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने भी शोक जताते हुए उन्हें रामपुर और प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया। राजनीतिक गलियारों में उनकी गिनती पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में होती थी।

राज्य वित्त आयोग का दायित्व: राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो राज्य सरकार और पंचायतों व नगर निकायों के बीच करों और राजस्व के बंटवारे पर सिफारिश करती है। ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों की आर्थिक मजबूती में इस आयोग की अहम भूमिका होती है। ऐसे में आयोग के अध्यक्ष का अचानक चले जाना प्रदेश के विकास कार्यों और आयोग के कामकाज के लिहाज से भी बड़ा खालीपन माना जा रहा है। आयोग के आगे के कामकाज और रामपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर सभी की नजर रहेगी।